बचपन वाली जिंदगी।

बचपन वाली जिंदगी।


जान बुझकर आज “बचपन वाली जिंदगी” के बरे में बात होनी चाहिए ऐसा लगा इसलिये याह मुद्दा लिया। जिसे कहते है “फाइनेंसियल फ्रीडम

क्योकी दोस्तो
सुकून की बात अब मत कर  दोस्त बचपन वाला रविवार अब नही आता।” साथ हि “शौक तो सिर्फ मां बाप के पैसो से पूरी होती हैअपने पैसे से तो अपनी जरूरते भी आधी अधुरी हि होती हैथोडा सा रोते तो खवाब तो बचपन में पुरे हो जाते थेअभी तो जरुरते पुरा करणे में जिंदगी कट रही है

फाइनेंसियल फ्रीडम का हिंदी अर्थ होता है – वित्तीय आजादी, और आम भाषा में कहे तो – पैसे कमाने की चिंता से आजादी, यानी पैसे के लिए काम करने की चिंता से आजादी
  
फाइनेंसियल फ्रीडम का महत्व।
फाइनेंसियल फ्रीडम के महत्व को समझाने के सलए आज मै आपको जगजीत सिंह की एक बहुत पोपुलर गीत की दो लाइन को याद दिलाना चाहुंगा 
ये दौलत भी ले लोये शोहरत भी ले लो,
भले छीन लोमुझसे मेरी जवानी,
मगर मुझको लौटा दो – 
बचपन का सावनवो कागज की कश्ती,
वो बारिश का पानी
इस गीत में जीवन की एक बहुत बड़ी सच्चाई छुपी हुईजिसे समझने की हमें बहुत ज्यादा जरुरत है-
आज हम सभी के पास कितना कुछ हैबहुत कुछ हैबचपन में जितना हुआ करता थाशायद उससे कही ज्यादा और बहुत ज्यादालेकिन फिर भी बचपन में जो बात थीजो ख़ुशी थीजो जिंदगी थीवो अलग ही था,
इस RAT RACE में भागते भागते हम चाहे जितना भी कमा लेजितना कुछ भी पा लेफिर भी वो बचपन वाली खुशी मिलना बहुत मुश्किल लगता है,

आपसे एक सवाल।
आप सबसे ज्यादा खुश कब थे बचपन में या अभी ?

तो यक़ीनन आपका जवाब होगा 
आप बचपन में ही ज्यादा खुश रहे हैचाहे वो आपका स्कूल हो या कॉलेजअब ऐसे में हमारा बचपन चाहे जैसे भी होहमारा स्कूल चाहे जैसा भी होहमारा कॉलेज चाहे जैसा भी होसच तो यही है कि हम सबसे अधिक खुश बचपन में ही होते हैऔर शायद ये गीत काफी ये समझाने के लिए कि सच में खुश रहने के लिए फाइनेंसियल फ्रीडम का क्या महत्व है,

फाइनेंसियल फ्रीडम – बचपन में खुश होने का कारण।
दोस्तो,
क्या आपने कभी सोचा है 
 कि ऐसा क्यों होता हैक्यों हम बचपन में ज्यादा खुश होते हैक्यों स्कूल और कॉलेज के दिन ही अच्छे लगते है,
इस प्रश्न के जवाब में आप चाहे जो भी कहे 
लेकिन  मेरे हिसाब से बचपन और स्कूल के समय हमारी खुशी का सबसे बड़ा रीज़न होता है।।।


फाइनेंसियल फ्रीडम!!!!
जी हाये एक बहुत बड़ी सच्चाई है किहम सभी बचपन में फाइनेंसियली फ्री होते हैहमें पैसे कमाने की कोई चिंता नहीं होती हैहर बच्चे के माँ बाप ही उसके सभी खर्चो की चिंता करते हैसभी तरह के खर्चऔर इसलिए बचपन में हम सभी बाय डिफ़ॉल्ट बिलकुल फाइनेंसियली फ्री होते है,
हमें ये बताया जाता है कि 
 अभी हमारे खेलने कूदने और पढने लिखने का वक्त हैऔर जब हम बड़े हो जायेंगे तब हमें कमाने के बारे में सोचना हैऔर इस तरह हमारे माँ बाप ही हमारे इनकम सोर्स होते हैजब जो चाहिए हम उनसे मांगते हैऔर माँ बाप हमारी जरुरतो को पूरा करने का पूरा प्रयास करते हैफाइनेंसियल चिंताए उन्हें होती है हमें नहींऔर इस तरह जब हमें कोई फाइनेंसियल चिंता नहीं होतीहम बहुत ही अच्छी चिंता से मुक्तबेहतरीन लाइफ जी पाते है,

बचपन वाली जिंदगी क्यों जरुरी है।
जैसे कि हमने जगजीत सिंह के गीत की दो पक्तियों को देखाबचपन में हम ज्यादा खुश इसलिए रहते है कि हमें बाय डिफ़ॉल्ट फाइनेंसियल फ्रीडम प्राप्त होता है, और इस तरह हमें फाइनेंसियल फ्रीडम की जरुरत इसलिए बहुत ज्यादा हैताकि हम
पैसो की चिंता से आजाद होकर हम एक फ्री लाइफ को जी सके
हम वो कर सके जिस से हमें सच में ख़ुशी मिलती हो
हम अपने उन सपनो को पूरा कर सकेजिनको हम बचपन से पूरा करना चाहते है,
और इसलिए जब हम पैसे कमाना शुरू करेतो हमारी पहली कोशिस यही होनी चाहिए कि हम जल्द से जल्द फाइनेंसियल फ्रीडम प्राप्त करे।

आइये अब बात करते है की फाइनेंसियल फ्रीडम  होता क्या है ?
फाइनेंसियल फ्रीडम क्या होता है ?
फाइनेंसियल फ्रीडम का हिंदी अर्थ है 
वित्तीय आजादीऔर आम भाषा में कहे तो पैसे कमाने की चिंता से आजादी, और पैसे कमाने की चिंता आपको तभी नहीं होती हैजब आपके पास बहुत अधिक धन  जायेतथा आप उस धन का इस्तेमाल करके अपने लिए एक ऐसा इनकम सोर्स बना ले जिस से कि आपको बिना काम किये भी पैसे मिलते ही रहे,
फाइनेंसियल फ्रीडम एक ऐसी अवस्था होती हैजब हमें एक बेहतर जिन्दगी को जीने के लिए आवश्यक खर्च के रूप में लगने वाले पैसो की चिंता से आजाद होते हैहम पैसे के लिए काम करे या ना करेहमारे पास पैसे आते ही रहते हैऔर जिनसे हम बिना पैसो की चिंता किये एक बेहतर लाइफ को जी पाते है,
जैसे – हर कोई चाहता है कि 
 उसे जल्द से जल्द रिटायरमेंट मिल जाये और उसे पैसे की चिंता  करनी पड़े क्योकि रिटायरमेंट के बाद काम पर नहीं जाने के बावजूद पेंशन की रकम मिलती रहेगी,
लेकिन अक्सर हमारे अर्थ्यव्यस्था में सरकार या अन्य कम्पनी में रिटायरमेंट के बाद पेंशन की बहुत कम सुविधा हैया है भी तो रिटायरमेंट की उम्र लगभग ६० वर्ष है,
और इस तरह जब कोई व्यकित ६० की उम्र में रिटायरमेंट लेता है तो उसे पेंशन के रूप में बिना काम पर जाये हर महीने पैसे मिलते रहते हैजिनसे वह व्यकित काफी हद तक फाइनेंसियली फ्री हो जाता है,


फाइनेंसियल फ्रीडम के फायदे 
आइये अब फाइनेंसियल फ्रीडम के फायदे की बात करते है-
अगर फाइनेंसियल फ्रीडम के फायदों की बात करे तोइसका पहला फायदा और सबसे बड़ा फायदा है।
आपको अपने खचो को पूरा करने के लिए यानी पैसे कमाने की रोज रोज चिंता नही करनी होती हैऔर आप जिन्दगी की RAT RACE से बाहर निकल जाते है,
दूसरा – आप पैसे के लिए काम नही करतेबल्कि पैसा आपके लिए काम करता हैजैसे – अच्छे इन्वेस्टमेंट
तीसरा फायदा है – आप वो काम कर सकते हैजो करने से आपको सच में खुशी मिलती हो,
चौथा फायदा है 
 आप अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जी सकते है,और पूरी आजादी को महसूस कर सकते हैजो आपको बचपन में हुआ करती थी,
पाचवा फायदा 
 आप निश्चिंत होकर देश विदेश के अलग अलग शहरो में आजादी के साथ घुमने फिरने जा सकते हैऔर जब आप इस तरह घुमने फिरने का आनंद ले रहे होंगेतब भी अपने किसी तरह के income के बारे में सोचने की जरुरत नहीं पड़ेगी,
छठा फायदा ये भी है कि फाइनेंसियली फ्री होने से आप अपने परिवार के साथ ज्यादा QUALITY TIME गुजार सकते है,
फाइनेंससयिी फ्री होने से आप समाज की भलाई के लिए बहुत सारे काम कर सकते है,
आप अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जी सकते है, और पूरी आजादी को महसूस कर सकते हैजो आपको कभी बचपन में हुआ करती थी,

फाइनेंसियल फ्रीडम के आवश्यक तत्व 
फाइनेंसियल फ्रीडम के लिए आपको तीन चीजे चाहिए -पैसा, समय और सुरक्षा। 
पैसा  –
 आप तभी फाइनेंसियल फ्रीडम होंगेजब आपके पास अपनी जिंदगी को जीने के लिए आपके पास पर्याप्त मात्रा में धन हो यानि -ENOUGH MONEY
समय  –
 अपनी मनपसंद जिंदगी जीने के लिए पर्याप्त धन के साथउस धन का इस्तेमाल करने के लिए आपके पास पर्याप्त मात्र में समय यानी टाइम भी होना चाहिएयानि ENOUGH TIME
सुरक्षा  –
 आपकी income कितनी सिक्योर हैमतलब आप कितने दिन तक काम नहीं करेंगे तो आपको इनकम मिलता रहेगाफाइनेंसियल फ्रीडम के लिए ये भी बहुत इम्पोर्टेन्ट हैइस तरह इनकम की सिक्यूरिटी के लिए आपके पास पर्याप्त ENOUGH INCOME SOURCES होना जरुरी है,


फाइनेंसियल फ्रीडम कैसे प्राप्त होगा-
दोस्तों फाइनेंसियल फ्रीडम के लिए आपको अनिवार्य रूप से कुछ चीजे करना होंगा
पर्याप्त इनकम सोर्स बनाना जिसमे आपको काम नहीं करना पड़ता होजैसे – एक या कई पैसिव इनकम सोर्स
आपके पास धन की बहुत अधिक मात्रा होनी चाहिएजैसे कि रिटायरमेंट फण्ड जो एक बड़ी राशी होती हैऔर उसका व्याज ही आपको पेंशन के रूप में मिलता रहता है,
आपको फाइनेंसियल प्लान बनाना होगाजिसमे आपको क्लियर पता हो कि आपको कब तक कितना धन प्राप्त करना होगा,
फाइनेंसियल प्लान के अनुसार आपको बचत शुरू करना होगाबचत के बाद इन्वेस्टिंग और पॉवर ऑफ़ कम्पाउंडिंग का इस्तेमाल करके आप रिटायरमेंट फण्ड जैसे बहुत बड़ी धनराशी भी इकठ्ठा कर सकते है,
आपको अपने लिए कुछ  पैसिव इनकम सोर्स  बनाने होंगेजो धीरे धीरे बढ़ते जाये, –
 म्यूच्यूअल फण्ड निवेशडिविडेंड इनकमकिराये का इनकमरोयल्टी से मिलने वाला इनकम, अगर कुछ पैसिव इनकम के एक्साम्प्ल की बात करे जो आपको फाइनेंसियल फ्रीडम के लिए अनिवार्य रूप से चाहिए तो इस तरह के इनकम सोर्स बनाने होंगे जैसे 
शेयर या स्टॉक में किए गए निवेश से मिलने वाला पैसा ,
म्यूच्यूअल फण्ड में जमा निवेश और उस पर मिलने वाला लाभ
किराये से मिलने वाला इनकम
बैंक में जमा धन राशी से मिलने वाला व्याज का पैसा,
रॉयल्टी से मिलने वाला पैसा,
ऐसे बिज़नस का प्रॉफिट जिसमे आपने मेनेजर रख दिया जो सब संभाल लेता हो,
ऐसा बिज़नस प्रॉफिट जहा आप ऐक्टिव रूप से काम नहीं करते
ऑनलाइन इनकम सोर्सेज – वेबसाइटब्लॉगएफिलिएट मार्केटिंग
RETIREMENT PLAN से मिलने वाला पेंसन

इसीलिये हमने लाया है Systematic Family Protection Plan ओर व्यवसाय का एक अवसर अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे.

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जय हिंद!!!

"Yes I am, I am also a Hindu, a Muslim, a Christian, a Buddhist, and a Jew" but first INDIAN I am. 


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