तारीखराज : एक अदृश्य मगर अमर शासन
अंग्रेज चले गए, राजाशाही भी गई, लेकिन जाते-जाते वे हमें एक ऐसी अमूल्य विरासत दे गए जिसे आज तक कोई हिला नहीं पाया—नौकरशाही।
यह कोई साधारण व्यवस्था नहीं, बल्कि एक भावनात्मक ढांचा है, जहाँ फाइलें चलती हैं, लोग नहीं।
आज का सरकारी अधिकारी कोई इंसान नहीं होता, वह एक जीवित रजिस्टर होता है।
उसके पास दिमाग हो सकता है, मगर वह इस्तेमाल के लिए नहीं, केवल सजावट के लिए रखा गया है।
अधिकारी की लाचारी
सरकारी कर्मचारी जानता है कि सामने जो हो रहा है वह गलत है,
पर नियम कहता है—
“गलत है तो भी फाइल में मत लिखो,
नोटशीट में सिर्फ इतना लिखो: As per rules…”
अगर उसने सच बोल दिया,
तो ट्रांसफर होगा।
अगर ज्यादा सच बोल दिया,
तो विभाग बदलेगा।
और अगर बहुत ज्यादा सच बोल दिया,
तो विजिलेंस बोलेगा—
“आप बहुत ईमानदार हैं, जाँच होगी।”
इसलिए अधिकारी चुप है।
लाचार नहीं, प्रशिक्षित लाचार।
तारीख—भारत की सबसे सफल योजना
कोर्ट में तारीख मिलती है—यह तो सब जानते हैं।
पर अब यह सुविधा हर सरकारी दफ्तर में उपलब्ध है।
आज की सबसे सफल शासकीय योजना है—
“तारीख पर तारीख विकास अभियान”
काम आज नहीं होगा,
कल भी नहीं होगा,
पर तारीख जरूर मिलेगी।
अगर किसी नागरिक का काम समय पर हो जाए,
तो उसे खुशी नहीं, डर लगता है—
“इतनी जल्दी कैसे हो गया?
कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं?”
अब देश में काम जल्दी होना संदिग्ध गतिविधि मानी जाती है।
आम नागरिक: सबसे बड़ा सहयोगी
हम शिकायत करते हैं,
पर लाइन में लगते हैं।
हम गुस्सा होते हैं,
पर रिश्वत देते हैं।
हम सिस्टम को कोसते हैं,
पर चुनाव के बाद भूल जाते हैं।
हम कहते हैं—
“कुछ नहीं बदलने वाला।”
और यही वाक्य व्यवस्था का ऑक्सीजन सिलेंडर है।
सभी मिलकर मूर्ख कैसे बनाते हैं?
अधिकारी नियम के पीछे छिपता है
कर्मचारी फाइल के पीछे
नेता भाषण के पीछे
और नागरिक मजबूरी के पीछे
नतीजा—
सब सही हैं, पर सिस्टम गलत है।
निष्कर्ष (जो कभी फाइल में नहीं आएगा)
यह देश नियमों से नहीं,
समायोजन (adjustment) से चलता है।
यहाँ व्यवस्था बदलने की बात सब करते हैं,
पर लाइन तोड़ने वाला सबसे पहले वही होता है।
जब तक अधिकारी बोलने से डरता रहेगा,
कर्मचारी सोचने से,
और नागरिक सवाल पूछने से—
तब तक तारीख जिंदा रहेगी,
और न्याय, सेवा व सुविधा…
फाइल में Under Process।
लेखक:
श्री. दिनेश मिश्रा
(आर्थिक सल्लागार | समाजसेवी | लेखक | मानवाधिकार एवं महिला-बाल संरक्षण पर कार्यरत)
www.dineshmishra.in
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